ओरछा, मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में स्थित एक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का शहर है। यह शहर बेतवा नदी के किनारे स्थित है और बुंदेला राजाओं की समृद्ध धरोहर को संरक्षित करता है। ओरछा का नाम 'अदृश्य' या 'छुपा हुआ' के अर्थ में लिया जाता है, जो इसके शांत वातावरण और ऐतिहासिक किलों की स्थिति को दर्शाता है।
ऐतिहासिक महत्व
ओरछा की स्थापना 16वीं शताब्दी में बुंदेला राजवंश के राजा रुद्रप्रताप सिंह ने की थी। यह शहर अपनी स्थापत्य कला, भव्य महलों, मंदिरों और छतरियों के लिए प्रसिद्ध है। प्रमुख ऐतिहासिक स्थल हैं:
1. जहांगीर महल - मुगल सम्राट जहांगीर के स्वागत के लिए बनाया गया भव्य महल।
2. राजा महल - बुंदेला राजाओं का निवास स्थान।
3. राम राजा मंदिर - यह अद्वितीय मंदिर है, जहां भगवान राम को राजा के रूप में पूजा जाता है।
धार्मिक महत्व
ओरछा का धार्मिक महत्व इसके मंदिरों और भक्तिभाव से जुड़ा है। यहां स्थित राम राजा मंदिर और चतुर्भुज मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। राम राजा मंदिर की विशेषता यह है कि यहां भगवान राम को एक राजा की तरह माना जाता है, और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है।
अन्य आकर्षण
1. लक्ष्मी नारायण मंदिर - अपनी अद्भुत वास्तुकला और दीवार चित्रों के लिए प्रसिद्ध।
2. ओरछा के छतरियां - बेतवा नदी के किनारे बनीं ये छतरियां बुंदेला राजाओं की समाधियां हैं।
3. फूल बाग - यह एक सुंदर उद्यान है, जो प्राचीन जल संरचनाओं का नमूना है।
पर्यावरणीय महत्व
बेतवा नदी के किनारे होने के कारण ओरछा का वातावरण शांत और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। यहां का ओरछा वन्यजीव अभयारण्य पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
ओरछा न केवल इतिहास और धर्म का अद्भुत संगम है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और स्थापत्य की अनमोल धरोहर को सहेजने वाला शहर है।
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